छत्तीसगढ़ के बहुत से आईएएस, आईपीएस, आईएफएस लाभ-हानि के गणित में उलझे
- सुजाता साहा
रायपुर, 24 सितंबर 2019। यूपीएससी यानी भारतीय लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग और परीक्षा माध्यमों से चयनित होने वाले ऐसे कर्मचारी-अधिकारी जो आईएएस, आइपीएस, आइएफएस आरएसएस व भारत सरकार की अन्य सेवाओं में सैन्यबल इत्यादि में हैं, जिनकी आयु 60 वर्ष होती है वो सेवानिवृत्त होते हैं। हाल ही में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि केंद्र सरकार अपना स्थापना व्यय कम करने, युवाओं को रोजगार देने और भारतीय सेवा में विशेषज्ञ लोगों को सीधे लाने के लिए सेवानिवृत्त की आयु को 60 वर्ष को यथावत रखते हुए सेवा अवधि की आयु को अधिकतम 33 वर्ष करने पर विचार कर रही है। यानी ऐसे कर्मचारी-अधिकारी जिन्होंने कम उम्र में भारत सरकार की सेवा को ज्वाइन किया था, वे 60 वर्ष के
आयु के पहले ही 33 वर्ष सेवा देकर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ सहित अलग-अलग राज्यों और केंद्र में कार्यरत अधिकारियों में इन दिनों सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर बेहद बैचेनी और सुगबुगाहट है। सूत्रों से आ रही खबरों को माने तो केंद सरकार केंद्रीय अधिकारियों, कर्मचारियों की सेवा अवधि
की आयु 33 वर्ष या सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष जो भी कम है, करने जा रही है। इस आशय का जिक्र सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में भी है। भारत सरकार का कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
(डीओपीटी) द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार ऐसा करने से बैकलॉग की समस्या दूर होगी और पदोन्नति के नए अवसर के साथ रोजगार की नई संभावनाएं पैदा होगी। बहुत से अधिकारी कर्मचारी जो लंबे समय से पदोन्नति की बांट जोह रहे हैं उन्हें भी पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। केंद्र सरकार यदि आशय का फैसला लेती है, तो इसका सबसे ज्यादा असर हमारे देश की सुरक्षा बल सेवा से जुड़े जवानों, अधिकारियों पर पड़ेगा। सामान्यत सुरक्षा बल में 22 साल की आयु में भर्ती हो जाती है।
डीओपीटी के सूत्रों के मुताबिक, यह योजना कई चरणों में लागू की जाएगी। वित्त विभाग से अनुमति मिलने के उपरांत अगले वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल 2020 में सेवानिवृत्ति के नए नियम लागू किए जा सकेंगे। जो लोग देश की ब्यूरोक्रेसी की लॉबिंग की ताकत को जानते हैं, उन्हें इसमें संदेह है। मोहली समिति की रिपोर्ट के आधार पर की जानेवाली इस अनुशंसा को लागू नहीं होने दिया जाएगा। शेष पृष्ठ 7 पर
डीओपीटी द्वारा जारी 2018 की ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार 2003 तक के बैच के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस
अधिकारी प्रभावित होंगे, उन्हें होने वाले लाभ हानि।
प्रभावित होने वाला सेनाबल
भारतीय सेना में जनरल की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल है, लेफ्टिनेंट जनरल की 60 साल, मेजर जनरल की 58 साल, ब्रिगेडियर की 56 साल, कर्नल और सूबेदार मेजर की 54 साल. सुबेदार और नायब सूबेदार की 52 साल, हवलदार और नायक की 49 साल, सिपाही जीपी (वाई) की 48 साल और सिपाही जीपी (एक्स) की सेवानिवृत्ति आयु 42 साल है। इंडियन नेवी में एडमिरल की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल है, वाइस एडमिरल की 60 साल, रीयर एडमिरल की 58 साल, कोमोडोर कैप्टन, एजुकेशन और एमसीपीओ 1,2 की 57 साल, कोमोडोर /कैप्टन की 56 साल, कमांडर की 54 साल और लेफ्टिनेंट कमांडर एवं इसके नीचे और सीपीओ एवं इसके नीचे रैंक वाले सेलर की सेवानिवृत्ति आयु 52 साल है। इंडियन एयरफोर्स में एयरचीफ मार्शल की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल है, एयर मार्शल की 60 साल, एयर वाइस मार्शल की 58 साल, एयर कोमोडोर फ्लाइंग ब्रांच की 56 साल और ग्रुप कैप्टन (सेलेक्ट) फ्लाइंग ब्रांच की सेवानिवृत्ति आयु 54 साल है।
याचिका के निर्णय पर अभी तक क्रियान्वयन नहीं
इस संबंध में 31 जनवरी 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी देव शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया गया है, जिसमें कहा गया था कि गृह मंत्रालय चार माह में तय करे कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सभी रैंकों में सेवानिवृत्ति की उम्र समान हो। अभी तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस आईटीबीपी, सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ% तथा सशस्त्र सीमा बल एसएसबी में कमांडेंट से नीचे के पदों पर जवान 57 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। न्यायालय की समय सीमा के बावजूद अभी तक इस संबंध में कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया है।
छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 4 साल पहले ही अपने कर्मचारी-अधिकारी की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष कर दी गई है। छत्तीसगढ़ संविदा नियम में भी संशोधन कर सेवानिवृत्ति उपरात संविदा की आयु 72-75 वर्ष तक की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के उपरांत संविदा नियुक्ति समाप्त करने को लेकर काफी चर्चा हुई, किन्तु सरकार इस मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई। अभी भी बहुत से कार्यालयों में महत्वपूर्ण लाभ के पदों पर सेवानिवृत्त लोग पदस्थ हैं।
